यह कविता हमारे पैगंबर हज़रत मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) के लिए लिखा गया एक भावपूर्ण और मार्मिक गीत है। इसमें शायर ने पैगंबर साहब के लिए अपनी श्रद्धांजलि और प्रेम को व्यक्त किया है।
मुस्तफ़ा जान-ए-रहमत पे लाखों सलाम जिनके सदक़े में सारी कायनात आई mustafa jane rehmat pe lakhon salam hindi lyrics